Fastag: यमुना एक्सप्रेसवे पर लागू होगा फास्टैग, नए साल में राहत की खबर

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नई दिल्लीः फास्टैग को शुक्रवार यानी नए साल से अनिवार्य किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर हाइब्रिड लेन को 15 फरवरी तक चालू रखने का फैसला किया गया है। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक बने 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे पर यात्री सुविधाएं जल्द दुरुस्त होंगी। टोल प्लाजा पर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग लागू होने के बाद यात्रियों को बेहतर सुरक्षा एवं सुविधाएं मिलेंगी।

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एक्सप्रेस-वे पर Fastag बेहतर बनाना है-

बृहस्पतिवार को यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने एक्सप्रेस-वे का संचालन कर रही जेपी इंफ्राटेक कंपनी, नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) व नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल के प्रतिनिधि इंसाल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (आइआरपी) की सोमवार चार जनवरी को संयुक्त बैठक बुलाई है। इसमें एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग लागू करने व यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। सीईओ ने कहा कि यात्री एक्सप्रेस-वे पर चलने के एवज में टोल टैक्स देते हैं, उन्हें बेहतर सुविधाएं देना जेपी इंफ्राटेक की जिम्मेदारी है।

टोल कर्मचारी अप्रशिक्षित हैं-

यमुना एक्सप्रेस-वे पर 4जी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। टोल पर अक्सर सर्वर डाउन रहता है। इससे टोल वसूली की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है। टोल पर जाम की यह बड़ी वजह है। प्लाजा पर टोल देने और पर्ची लेकर आगे बढ़ने में ही काफी समय लगता है। करीब एक दशक पुराने हो चुके बूम बैरियर भी खुलने में अपेक्षा से कहीं अधिक समय लेते हैं। एक्सप्रेस-वे पर इस व्यवस्था को सुधारने की बेहद जरूरत है। इसके अलावा टोल कर्मचारी भी अप्रशिक्षित हैं। इससे भी टोल से वाहनों के गुजरने में वक्त लगता है। टोलकर्मी मैनुअल अथवा क्रेडिट कार्ड से पैसे वसूलने में ज्यादा समय लगाते हैं।

मुख्यमंत्री स्तर पर हो रही समीक्षा-

यमुना एक्सप्रेस-वे के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आइआइटी दिल्ली द्वारा दिए गए सुझाव पर पिछले एक साल से अमल नहीं हो रहा है। यह स्थिति तब है, जब सुप्रीम कोर्ट की समिति इसकी निगरानी कर रही है और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी यमुना एक्सप्रेस-वे की नियमित समीक्षा हो रही है।

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प्रदेश सीईओ ने लिया संज्ञान-

प्रदेश के पहले एक्सप्रेस-वे पर भारी-भरकम टोल टैक्स देकर असुविधाएं झेल रहे यात्रियों की परेशानी को प्रमुखता से उठाने एवं एक्सप्रेस-वे का संचालन कर रही जेपी इंफ्राटेक की नींद खोलने के लिए दैनिक जागरण के अभियान का संज्ञान लेते हुए यमुना प्राधिकरण सीईओ ने जेपी इंफ्राटेक, आइआरपी व एनबीसीसी के अधिकारियों की चार जनवरी को बैठक बुलाई है जिसका मुख्य मुद्दा एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग लागू करने में आ रही अड़चन को दूर करना होगा।

आइआइटी दिल्ली के सुझावों को लागू-

इसके अलावा आइआइटी दिल्ली के सुझावों को लागू करने व यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने के जेपी इंफ्राटेक को निर्देश दिए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे पर कार्य कराने के लिए खाते से रकम निकासी की बाधा है। अधिग्रहण प्रक्रिया के कारण जेपी इंफ्राटेक के वित्तीय अधिकार निलंबित हैं। आइआरपी के बैठक में होने से एक्सप्रेस-वे पर सुविधाओं को दुरुस्त करने में वित्तीय अड़चन दूर हो सकती है। फास्टैग सुविधा जल्द लागू कराई जाएगी।

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