Surat Cremation: कोरोना एक काल, इतनी जल रहीं लाशे की पिघलने लगी चिमनियां

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नई दिल्ली: Surat Cremation: कोरोना वायरस थमने का नाम नही ले रहा है आए दिन लाखों की संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। वहीं कोविड-19 से मरने वाले भी हजार के पार हो गए हैं। हालात इतने भयावह हो गए हैं कि राज्य में अंतिम संस्कार भी ठीक से नही हो पा रहे हैं, इससे समझ आ रहा है कि राज्य की तस्वीर कितनी भयावह होती जा रही है। गुजरात के सूरत में कोरोना ने ऐसा विकराल रूप धर लिया है की लोगों की मौतों की संख्या बढ़ने लगी है। स्थिति इतनी भयावह है की परिजन लाशों का सही से अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं।

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Surat Cremation: श्मशान की भट्टी और चिमनियां लगी पिघलने

दरअसल गुजरात के सूरत की जहां पर मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा है कि शमशान घाट पर अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो रहा है, बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के चलते शमशान की भट्टियां और चिमनियां तक पिघल रही हैं। वहीं लोहे का एंगल जिसे मजबूत माना जाता है, वो भी अपना आकार बदलता दिख रहा है। सिर्फ यही नही दिन भर शवों का आना लगा हुआ रहता है। और सरकारी वाहनों के अलावा अब निजी गाड़ियों में भी लाशें लेकर श्मशान घाट पहुंच रही हैं।

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रोजाना 100 से अधिक शवों का हो रहा अंतिम संस्कार

सूरत में अश्विनी कुमार और रामनाथ घेला शमशान घाट के प्रमुख हरीशभाई उमरीगर का कहना है कि यहां रोजाना 100 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। जिसकी वजह से चिमनियो को ठंडी होने का समय नही मिल रहा है। तभी वो पिघलने लगती हैं। इसी तरह सूरत के रांदेर और रामपुरा के कब्रिस्तानों में भी शव आने का सिलसिला लगातार जारी है। यहां आम दिनों में औसतन 2 से 3 शव दफनाए जाते थे, लेकिन अब ये आंकड़ा बढ़ गया है। बताते हैं इतनी बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार करने के लिए गैस की भट्टी को 24 घंटे जलाने की वजह से ग्रिल पिघलने लगी हैं। क्योंकि इससे पहले एक दिन में इतने अंतिम संस्कार नहीं हुआ करते थे। आज एक दिन में 100 अंतिम संस्कार हो रहें है। और लोगो को अंतिम क्रिया करने के लिए लंबी कतारों में भी लगना पड़ रहा है।

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14 साल से बंद पड़े शवदाह गृह को भी खोला गया है

इसी वजह मरने वालो कि संख्या को बढ़ता देख 14 साल से बंद तापी नदी के तट पर कैलाश मोक्षधाम शवदाह गृह को फिर से खोल दिया गया है। जहां पर 50 से ज्यादा अंतिम संस्कार हो चुके है। क्योंकि शम शान घाटों पर 3 से 4 घंटे का वेटिंग चल रहा है। हालांकि  देश के कइ शहरो में ठिक से इलाज न होने की वजह से भी लोग दम तोड़ रहे है। कहीं तो ये भी  देखा जा रहा है ऑक्सीजन की कमी  और  एंम्बुलेंस ना मिलने की  वजह से भी लोग दम तोजड हुए दिख  रहे है।

चौबीस घंटे हो रहा दाह संस्कार, पिघलने लगीं भट्टियां 

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