जानिए आखिर क्यों नीदरलैंड्स के खेतों में लगाऐ जाते हैं डांसिंग लाईट

Studio Rosegarde firm of the Netherlands has used a different type in the past. Firms light up millions of dancing LEDs with plants in fields

नई दिल्ली: बेहतर खेती और फसल के लिए यूं तो कई तरह के पारंपरिक तरीके अपनाए जाते हैं। मगर पौधों को बड़ा करने के लिए रात के समय खेतों में डांसिंग लाइट लगाने के बारे में शायद ही कभी आपने सुना होगा। नीदरलैंड्स की स्टूडियो रोसेगार्दे फर्म ने पिछले दिनों एक अलग ही किस्म का प्रयोग किया है।

नीदरलैंड्स के खेतों में लगाऐ जाते हैं डांसिंग लाईट

Kisan Andolan : पुलिस से डरे टिकैत, बिना पौधारोपण बैरंग लौटे

खेतों में लगाया एलईडी लाईट

फर्में ने खेतों में पौधों के साथ लाखों डांसिंग एलईडी लगाकर रोशनी की । कृषि विशेषज्ञों का मानना है की यह खास किस्म की लाइट पौधों के विकास में मदद करती है। लेकिन नीदरलैंड्स में ऐसा करने के पीछे कारण यह है कि यहां ठंड और बर्फीले मौसम के साथ धुंध या कोहरा हमेशा छाया रहता है। इस कारण फसलों को सूर्य की पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पाती।

रात में जुगनू की तरह चमकते हैं नीदरलैंड्स के खेत

हाईकोर्ट : फेसबुक पर लड़की फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे तो वह सेक्स पार्टनर की तलाश नहीं

रात में ये खेत जुगनुओं की तरह जगमगाते है

यहां का औसत वार्षिक ताप 1.2 डिग्री सेल्सियस है। यही वजह है कि डच आर्टिस्ट डेन रुजगार्दे ने प्रयोग के तौर पर खेतों में एलईडी लगा दी। जिससे पौधों को बढ़ने में मदद मिल सके। उनका यह प्रयोग सफल रहा है। रात में ये खेत लाखों जुगनुओं की तरह जगमगाते बहुत अच्छे लगते हैं।

Ghaziabad, Uttar Pradesh: महिला ने प्रेमी के साथ की हत्या | 2 Women Murder Inside Double Murder

नीदरलैंड्स के लेलिस्टाड शहर में शुरू यें प्रोजेक्ट 

नीदरलैंड्स के लेलिस्टाड शहर में शुरू किए गए डेन रुजगार्दे के हालियां प्रोजेक्ट का नाम ‘ग्रो’है। इन्होंने हरे प्याज के विशाल खेतों में जो लाइटिंग सिस्टम लगाया है। उसमें पर्पल, लाल और नीले रंग की लाइट का इस्तेमाल किया गया है। रुजगार्दे द्वारा लगाया गया ये अनोखा इंस्टालेशन डच किसानों को प्रेरणा देने के लिए किया गया है। ताकि वे आर्टिफिशियल लाइट से आउटडोर फार्मिंग करना सीख सकें। वैसे नाइट टाइम अल्ट्रा वायलेट लाइट का इस्तेमाल ग्लास हाउस एग्रीकल्चर में काफी समय से चलता आ रहा है। खासकर उन जगहों पर जहां सूर्य की रोशनी सीधे मिलना नामुमकिन होता है।

50 प्रतिशत कीटनाशकों  को मार देता हैअल्ट्रा वायलेट लाइट

अभी इसका इस्तेमाल छोटे पैमाने पर किया गया है। यह स्टूडियो इसी थ्योरी पर काम कर रहा है कि अल्ट्रा वायलेट लाइट पौधों को उगने में मदद करती है। इसके मुताबिक कुछ खास वेवलेंथ में अल्ट्रा वायलेट लाइट छोड़ी जाए तो वह कीटनाशकों का 50 प्रतिशत खर्च कम कर सकती है। डेन ने बताया कि यह लाइटिंग इंस्टालेशन ‘ग्रो’ प्लान अभी लेलिस्टाड के पास ही है। लेकिन जल्द ही वे इसे 40 से ज्यादा देशों तक पहुंचाएंगे।

Ayodhya, Uttar Pradesh || CM Yogi ने Ayodhya के हनुमानगढ़ी में किये दर्शन || CM Yogi in Ayodhya

Leave a comment

Your email address will not be published.