पीएम मोदी के खिलाफ NCP के लिए काम करेंगे PK, मुलाकात के बाद कही यह बात

PRASHANT KISHORE
Prashant Kishore

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बैनर्जी की जीत में अहम भूमिका निभा चुके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टा के प्रमुख शरद पवार से मिले। इस बैठक के कुछ दिन बाद शनिवार को एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक नें अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी प्रवक्ताओं से कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारुढ़ भाजपा के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों को “महागठबंधन” की जरुरत है ।

दीदी की जीत का असर

इस बैठक के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी चुनाव में पार्टी प्रशांत किशोर को अहम जिम्मेदारी दे सकती है । इसी बैठक के एक दिन बाद एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि 2024 भाजपा के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों को गठबंधन की जरुरत है ।  करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में क्या बात हुई, इस बारे में फिलहाल अभी पता नही चल पाया है ।

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बलों को साथ में लाने का प्रयास 

राकांपा नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक नें कहा कि अगले आम चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों के महागठबंधन की जरुरत है साथ ही राकांपा अध्यक्ष शरद पवार नें भी भाजपा का मुकाबला करने के लिए सभी दलों के राष्ट्रीय गठबंधन की बात कही है । उन्होनें कहा है कि वह ऐसे बलों को साथ में लाने का प्रयास केरेगें ।

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उन्होने कहा कि चुनावी रणनीतीकार प्रशांत किशोर को आंकड़ों और सूचनाओ की पूरी जानकारी है । तीन घंटे चली चर्चा में यह मुद्दा भी पक्का आया ही होगा । एनसीपी नेता नें कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले शरद पवार को बगांल जाना था , लोकिन तबीयत खराब होने के कारण वें नहीं जा सके , जहां देश की तमाम विपक्षी पार्टियां एकजूट होने जा रही है ।

शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के गठबंधन की कही बात

नवाब मलिक ने साफ़ तौर पर स्पष्ठ किया कि एनसीपी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की कोशिश की जा रही है और निकटतम भविष्य में ऐसा जरुर किया जायेगा। गौरतलब है कि पिछले महीनें शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के गठबधंन की जरुरत पर बल देते हुए कहा कि उन्होने इस मुद्दे पर शरद पवार से बात की है । इससे पहले उन्होनें यह भी कहा कि सप्रसंग के पुन: गठन की आवयश्कता है ताकि वह भाजपा के मजबूत विकल्प के रुप में उभर सके और नये मोर्चे के नेत्तृव पवार जैसे वरिष्ठ नेताओ को ही करना चाहिए ।।

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