अंतिम संस्कार के नौ दिन बाद जिंदा लौटा युवक, भूत समझ घर से भागा बेटा

rajasthan news
rajasthan news

नई दिल्लीः राजस्थान के राजसमंद जिले से एक अजीबो गरीब खबर सामने आई है. जिस व्यक्ति को मृत मानकर उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह नौ दिन बाद जिंदा लौट आया। अब पुलिस प्रशासन निरुत्तर है कि आखिर वह कौन था? लावारिस मिले शव का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया था, मामला राजसमंद जिला मुख्यालय का है, जहां गाड़ोलिया लुहारों के परिवार रोड किनारे बरसों से रहते हैं।

कोरोना मरीजों को बड़ी राहत, बाल फार्मा ने लांच की एंटी वायरल दवा Favipiravir

नहीं हुआ शव का पोस्टमार्टम

दस दिन पहले बारह मई को पुलिस को रोड किनारे लावारिश शव मिला था। जिसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। औंकारलाल के छोटे भाई नाना लाल ने तीन दिन बाद उसकी पहचान अपने बड़े भाई के रूप में की। पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के ही शव नानालाल के हवाले कर दिया तथा परिजनों ने पंद्रह मई को परम्परागत तरीके से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।औंकारलाल के तीनों बेटों ने परम्परा के अनुसार मुण्डन करा लिया।

कोरोना के बीच दिल्ली में अब डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा, टूटा 8 साल का रिकॉर्ड

अंतिम संस्कार के नौ दिन बाद अचानक औंकारलाल घर लौटा तो सबसे छोटा बेटा उन्हें देखकर डर गया और भाग गया। पत्नी ने औंकारलाल को पहचान लिया तथा नहलाने के बाद नए कपड़े पहनाए। औंकारलाल को जिंदा देख परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इधर, राजसमंद पुलिस ने सफाई देते हुए बताया कि परिजनों के आग्रह पर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अब फोटो ही उसकी शिनाख्ती का आधार है, जिसके प्रयास किए जा रहे हैं।

कोरोना टेस्टिंग के लिए Cipla ने लॉन्च की RT-PCR टेस्ट किट, आज से ही उपलब्ध

अस्पताल में भर्ती था औंकारलाल

औंकारलाल ने बताया कि वह बारह मई को उदयपुर गया था। वहां तबियत खराब होने पर उसने खुद को महाराणा भूपाल चिकित्सालय में दिखाया था। अधिक शराब पीने के चलते उसके लीवर की बीमारी थी। वहां उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। स्वस्थ्य होने पर उसे वहां से छुट्टी मिली और घर लौटा तो देखा कि उसकी तस्वीर के सामने माला लगी हुई थी।

 

Leave a comment

Your email address will not be published.