महाराष्ट्र – 100 करोड़ वसूली मामले में मचा घमासान, क्या उद्धव तलाश रहे हैं नए रास्ते

parambir singh letter
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नई दिल्ली : महाराष्ट्र और मुंबई फिर से चर्चा में हैं. चर्चा इसलिए भी की कोरोना वायरस महामारी बेलगाम हो रही है,और चर्चा इसलिए भी कि सूबे में सियासी भूचाल मचा हुआ है. एंटीलिया के बाहर जिलेटिन के छड़ों वाली स्कॉर्पियो मिलने के बाद से, उसे लेकर शुरू हुई जांच अब महाराष्ट्र सरकार के गले तक पहुंचती नजर आ रही है. मुंबई के पुलिस कमिश्नर पद से हटाए गए परमबीर सिंह ने ऐसा चिट्ठी मिसाइल दागा है, जिससे महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा ब्लास्ट हुआ है.

parambir singh letter case
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अनिल देशमुख पर लगे गंभीर आरोप

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर ने cm उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी के जरिए महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परमबीर सिंह ने यह आरोप लगाया है कि एंटीलिया केस में गिरफ्तार निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 100  करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट दिया था। हालांकि, उद्धव सरकार ने इससे होने वाली किरकिरी से बचने के लिए कहा था कि मेल के जरिए जो लेटर मिला है वो परमबीर सिंह के ऑफिशियल आईडी से नहीं आया है। आरोपों के घेरे में आए अनिल देशमुख ने ट्वीट कर सफाई दी है कि परमबीर ने एंटीलिया केस की जांच से अपने आपको बचाने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने मानहानि के दावे की भी बात कही है।

शरद पवार और संजय राउत कर सकते हैं बड़ी बैठक

महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में जारी संकट के बीच दिल्ली में शरद पवार और शिवसेना नेता संजय राउत एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। संजय राउत रविवार शाम दिल्ली में शरद पवार से मिलेंगे। इसके लिए वह मुंबई से 1 बजे रवाना होंगे।
इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत के एक ट्वीट ने महाराष्ट्र में रविवार सुबह नई चर्चा शुरू कर दी थी। शिवसेना के राज्‍यसभा सांसद संजय राउत ने एक शायरी ट्वीट कर अलग ही संदेश दिया है। राउत लिखते हैं, ‘हमको तो बस तलाश नए रास्‍तों की है, हम हैं मुसाफिर ऐसे जो मंजिल से आए हैं।’

क्या देशमुख कुर्सी छोड़ने वाले हैं

इस लेटर के बाद से अब महाराष्ट्र विकास अघाड़ी में संकट के बादल मंडराने लगेे हैं, क्योंकि शरद पवार की पार्टी इस बार आलोचनाओं के केंद्र में है। हालांकि, इस पर शिवसेना और कांग्रेस का क्या स्टैंड होता है, यह भी देखने वाली बात होगी । वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी आक्रामक हो गई है. विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल देशमुख को पद से हटाने की मांग की है। और दूसरी और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने भी ट्वीट कर देशमुख को गृह मंत्री पद से हटाने की मांग की है। सूत्रों का कहना ये भी है की शायद देशमुख एक-दो दिन के अंदर कुर्सी छोड़ भी देंगे. ऐसा इसलिए, क्योंकि दबाव बढ़ता ही जा रहा है जिससे सरकार बैकफुट पर आ गई है।

‘राजा को बचाने के लिए कितनों की बलि देनी होगी’

वहीँ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा कि अनिल देशमुख पर आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के दूरगामी नतीजे होंगे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘जिस तरह से चीजें शुरू हुई हैं, यह दूर तक जाएंगी। राजा को बचाने के लिए आखिर कितनों को बलि देनी होगी।’ गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर बीजेपी  ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

परमबीर ने चिट्ठी में किया बड़ा खुलासा

कुछ दिन पहले मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर पद से हटाए गए परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में अनिल देशमुख पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। परमबीर सिंह का दावा है कि सस्‍पेंड पुलिसकर्मी सचिन वझे को देशमुख ने हर महीने मुंबई के बीयर बार और रेस्‍तरां से 100 करोड़ की वसूली करने का टॉरगेट दिया था। उन्‍होंने यह भी कहा कि वझे को कई बार देशमुख ने अपने बंगले पर बुलाया था। वझे को देशमुख ने राजनीतिक संरक्षण दिया हुआ था।

‘देशमुख ने जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने को कहा था’

पद से हटाए जाने के बाद ही परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, अडिशनल चीफ सेक्रेटरी और गर्वनर के प्रधान सचिव को पत्र भेजा था। अपने पत्र में परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर पुलिस अधिकारियों को अपने घर बुलाने और जांच दूसरी दिशा में मोड़ने को कहा था।

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