जनता कर्फ्यू का पूरा हुआ एक साल, वैक्सीन के बाद भी लाॅकडाउन जैसे हालात

Janta Curfew
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की कारण भारत में पहली बार लगा था ‘जनता कर्फ्यू’। इस दिन भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी से अपने घरों में रुकने की अपील की थी।

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कर्फ्यू के लगने के बाद शहर के सारे सड़कें वीरान हो गई थीं। हर कोई इंसान अपने अपने घरों में बंध और बस आने वाले बुरे समय को लेकर ही सोच सकते थे। इसी के साथ इसी दिन पीएम ने सभी से शाम को थाली बजाने पर भी अपील की थी जिसके बाद उस शाम को पूरा आसमान थालियों की आवाज से गूंज रहा था।

396 मामलों में लगा था जनता कर्फ्यू

बात करें कोरोना संक्रमण की तो भारत में तब केवल 396 मामले सामने आए थे और तभी से भारत ने इस पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि सरकार ने पहले जनता कर्फ्यू और बाद में लॉकडाउन का एलान कर दिया था। बता दें कि पूरी दुनिया में 22 मार्च 2020 तक कोरोना संक्रमण के कुल मामले 311576 सामने आ चुके थे। वहीं अब की बात करें तो आज पूरी दुनिया में कुल 123,859,482 मामले सामने हैं। साथ ही कोरोना संक्रमण के वजह से अब तक 2,727,680 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। पूरी दुनिया में एक्टिव मामलें है 21,347,291 पर जबकि 99,784,511 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। गौरतलब है कि दुनिया ने कई बार महामारी का सामना किया है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ कि जब किसी वैश्विक महामारी की वैक्‍सीन को वैज्ञानिकों ने एक वर्ष के अंदर बनाया और अब इसका टीकाकरण को भी शुरु किया गया।

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कोरोना के मामलों में बढ़त

जनता कर्फ्यू से लेकर अब तक के कोरोना मामलों के आंकड़ों को देखा जाए तो भारत ने दूसरे देश के मुकाबले कोरोना पर काफी जल्दी और तेजी से तैयारी शुरू कर दी थी। अगर अमेरिका की कोरोना संक्रमण को देखे तो वहां कुल मामले 30,521,765 सामने आ चुके हैं। इसके अलावा कोरोना से संक्रमित होने की वजह से देश में 555,314 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि 22,754,252 मरीजों की ठीक होने की खबर भी आई। अगर हम इन आंकड़ों को पिछले वर्ष के मुकाबले देखे तो तब कुल संख्‍या केवल 36050 थी और एक्टिव केस 35252 थे। लेकिन आज अमेरिका कोरोना संक्रमण के मामले में विश्‍व के प्रथम स्थान तक पहुँच चूका है। हालांकि पिछले कई महीनों से अमेरिका इसी आंकड़े पर है। जहां एक तरफ दिसंबर तक भारत कोरोना संक्रमण के मामले में दूसरे स्‍थान पर था, लेकिन बाद में लगातार मामलें कम होने के कारण भारत तेजी से नीचे आने लगा था। वहीं दूसरी ओर अब भारत में एक बार फिर से इसके मामलों में बढ़त दिखाई देने लगी हैं। बताया जा रहा है कि भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है।

corona virus
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कई देशों की भारत ने की मदद

बताते चले कि भारत ने कोरोना वायरस की रोकने के लिए जो जो प्रयास किए वो केवल अपने तक ही सीमित नहीं रखे बल्कि पूरी दुनिया को उसका लाभ पहुंचाया। भारत ने इस महामारी के बीच गुजरे वर्ष 2020 को पूरी दुनिया के कई देशों तक पीपीई किट पहुंचाया और दवाइयां भी दी। साथ ही भारत ने अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों को दवाइयां समेत कई जरूरी चीजों को भी भेजा था। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक वर्तमान में भारत ने दुनिया के 76 देशों को करोना वैक्‍सीन की छह करोड़ से अधिक खुराक पहुंचाया हैं। जबि‍क देश में अब तक वैक्‍सीनेशन के जरिए साढ़े चार करोड़ खुराक लोगों को दी जा चुकी हैं। विश्‍व चल रहे टीकाकरण की बात करें तो भारत की जनसंख्‍या के हिसाब से टीकाकरण में सबसे तेज रफ्तार भारत की है। हालांकि वर्तमान में भारत कोरोना संक्रमितों की संख्‍या के मामले में विश्‍व में तीसरी स्थान पर है। कोरोना के मामले केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया में इसके मामलें तेजी से बढ़ रही है। दुनिया के कुछ देशों में इसको मद्दे नज़र रखते हुए पूरा या आंशिक लॉकडाउन तक लगा दिया गया है।

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8-9 हजार बदलाव हुए दर्ज

बीतें एक वर्ष में कोरोना वायरस के प्रसार और इसके प्रकार में कई बदलाव देखा गया हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस वायरस में अब तक 8-9 हजार बदलाव दर्ज किए गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में जिस वेरिएंट की सबसे अधिक चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है उसमें ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का वेरिएंट शामिल है। वैज्ञानिकों की मुताबिक ब्रिटेन में मिला वेरिएंट संक्रमण की रफ्तार को तेजी से बढ़ाता है और इसका खतरा भी अधिक है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में भी इसके अलग अलग वेरिएंट पाए गए हैं।

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