अब उबलकर नहीं गिरेगा दूध, ऐसे निकला रास्ता

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नई दिल्ली : रसोई में रोज-रोज दूध उबालने के दौरान उसके उफनकर गिर जाने से परेशान डॉ. महिप सिंह ने समस्या का ऐसा समाधान ढूंढ निकाला है जो करोड़ों महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा। गैस के चूल्हे के आगे खड़े होकर टकटकी लगाए दूध गर्म करने की समस्या से उन्हें निजात मिलेगी। इस कीमती समय को महिलाएं अपने व परिवार के जरूरी काम के लिए बचा सकेंगी। गर्म करते वक्त दूध बहने के अपशकुन की चिता भी दूर हो जाएगी। प्रोफेसर ने इसका पेटेंट करा लिया है।

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डॉ. महिप सिंह ने निकाला हल-

आइटीएस कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. महिप सिंह ने डेढ़ माह के अथक प्रयास के बाद मिल्क कंट्रोल यूनिट तैयार की है। यह दो हिस्सों टॉप यूनिट व कंट्रोल यूनिट में है। टॉप यूनिट उस बर्तन के ऊपर रखी जाती है, जिसमें दूध उबाला जा रहा है। इसमें दोनों ओर स्टील के स्टैंड हैं। जो यूनिट को बर्तन के ऊपर स्थिर रखते हैं। नीचे की ओर स्टील की दो रॉड नौ व चार सेंटीमीटर की लगी हैं। ये दोनों सेंसर से जुड़ी होती हैं। एक ऑन बटन भी लगाया गया है। कंट्रोल यूनिट में टाइमर, कंट्रोल नॉब व वैक्यूम बटन दिया गया है। वैक्यूम बटन की मदद से इसे चूल्हे की नॉब के साथ फिक्स कर दिया जाता है। कंट्रोल यूनिट का नॉब चूल्हे के नॉब के ऊपर होता है।

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टॉप यूनिट के बटन को ऑन कर इसे बर्तन के ऊपर रखा जाता है। कंट्रोल यूनिट में टाइमर सेट किया जाता है। जैसे ही दूध में उबाल आता है, सतह पर छूने वाली रॉड से सेंसर तक संदेश जाता है। यह संदेश ट्रांसमीटर के जरिये कंट्रोल यूनिट के रिसीवर पर पहुंचाता है। संदेश मिलते ही कंट्रोल यूनिट सेटिग के अनुसार गैस नॉब को धीमा या बंद कर देती है। टॉप यूनिट में इंटरनल व एक्सटर्नल चार्जिंग की सुविधा भी है। मोबाइल चार्जर से एक बार चार्ज करने पर लगभग दो माह तक दोबारा चार्जिंग की जरूरत नहीं होती। दूध की ऊष्मा से भी टॉप यूनिट में लगी बैटरी चार्ज हो जाती है।

ये थी वजह-

मिल्क कंट्रोल यूनिट महिलाओं के लिए बेहद कारगर साबित होगी। उनके कीमती समय की बचत होगी। व्यवसायिक तौर पर इसका उत्पादन करने पर करीब पांच सौ रुपये प्रति यूनिट लागत आएगी। महिप की पत्नी कोरोना काल में मायके गईं, तो ऑनलाइन कक्षा से लेकर रसोई की जिम्मेदारी उन्हें संभालनी पड़ी। कक्षा के दौरान ही वह कई बार दूध गैस पर गर्म होने के लिए रख देते। जरा सा ध्यान बंटने पर दूध उफन कर बह जाता। यह समस्या उन्होंने कालेज के निदेशक डा. विकास सिंह से साझा की और मिल्क कंट्रोल यूनिट का आइडिया सामने आया।

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