किसान आंदोलन से जुड़े खालिस्तानी नेताओं और एक पत्रकार को दिया एनआईए ने नोटिस

NIA Notice to farmers
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस मामले की अपनी जांच के सिलसिले में दर्जनभर से ज्यादा लोगों को नोटिस (Notice) भेजे हैं। इन लोगों में एक पत्रकार, नए कृषि कानूनों (Farmers bill) के खिलाफ आंदोलन से जुड़े किसान नेता और अन्य शामिल हैं। ये भी पढ़ें-कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद सामने आये साइड इफ़ेक्ट के मामले

NIA Notice to farmers
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एनआइए (NIA) एजेंसी ने पूछताछ के लिए कई लोगों को नोटिस भेजे हैं उन्हें मामले के कुछ तथ्यों की पुष्टि करने के लिए गवाह के तौर पर बुलाया गया है जब उनसे पूछा गया कि पत्रकार के अलावा और किन लोगों को बुलाया गया है तो उक्त अधिकारी ने कहा, ‘पूछताछ के लिए बुलाए गए लोगों के पेशे के बारे में विशेष तौर पर कुछ नहीं कह सकता।’ हालांकि एनआइए ने नए कृषि कानूनों पर सरकार के साथ वार्ता में हिस्सा ले रहीं किसान (Farmers) यूनियनों में से एक लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष बल्देव सिंह को भी समन किया है, बल्देव सिंह से 17 जनवरी को एजेंसी के दक्षिण दिल्ली के सीजीओ कांप्लेक्स स्थित मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। उनके अलावा सुरेंद्र सिंह टीकरीवाल, पलविंदर सिंह, प्रदीप सिंह, नोबेलजीत सिंह और करनैल सिंह को भी 17 व 18 जनवरी को एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है। ये भी पढ़ें- देशभर के अस्पतालों में खुशियों का माहौल, ऐसे हुआ पहली वैक्‍सीन का स्वागत

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एनआइए (NIA) एफआइआर में यह आरोप भी लगाया गया है कि इस साजिश में शामिल सिख फार जस्टिस और अन्य खालिस्तान समर्थक तत्व अपने सतत इंटरनेट मीडिया अभियान और अन्य तरीकों से ऐसे युवाओं को आंदोलन और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भड़का रहे हैं और भर्ती कर रहे हैं जिन्हें आसानी से गुमराह किया जा सकता है। उनका मकसद भारतीय क्षेत्र का विभाजन कर अलग खालिस्तान राष्ट्र का निर्माण करना है। ये भी पढ़ें –हम तो पूछेंगे: बीजेपी के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार का Exclusive Interview

 

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