एंटीलिया केस : सचिन वझे गिरफ्तार होने तक मिटाता रहा सबूत

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मुंबई : मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक लदी स्‍कार्पियो कार खड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए एपीआइ सचिन वझे पर एनआइए एवं मनसुख की मौत मामले में एटीएस का शिकंजा कसता जा रहा है। इस प्रकरण में सुबूत मिटाने की उसकी कोशिश उसके लिए मुसीबत बनती जा रही है। एनआइए के अधिकारियों ने सोमवार रात गिरफ्तार सचिन वझे के कार्यालय से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जब्त किए। एनआईए ने अब तक 5 सीआईयू कर्मियों और 2 अपराध शाखा कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। दूसरी ओर राकांपा नेता शरद पवार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि पद का दुरुपयोग करनेवाले किसी अधिकारी को उसकी जगह दिखाई ही जानी चाहिए।

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सीसीटीवी रिकॉर्ड किए गायब

एनआइए की अब तक की जांच में सामने आया है कि 25 फरवरी के बाद से गिरफ्तार किए जाने तक सचिन वझे इस मामले में लगातार सबूत मिटाने का प्रयास करता रहा। लेकिन अब एनआइए की पूछताछ में वह स्वयं सारे मामले को खोलता जा रहा है।एनआइए ने यह पता लगा लिया है कि जिस स्‍कार्पियो के चोरी होने की प्राथमिकी 18 फरवरी को विक्रोली पुलिस थाने में दर्ज कराई गई, वह स्‍कार्पियो उसके बाद 24 फरवरी तक ठाणे स्थित वझे की सोसायटी साकेत में खड़ी देखी गई। लेकिन वझे ने इसके सबूत मिटाने के लिए अपनी सोसायटी के सीसीटीवी रिकार्ड गायब कर दिए।

हुई पहचान

स्‍कार्पियो के गायब होने की प्राथमिकी वझे के कहने पर ही मनसुख हिरेन ने विक्रोली पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी यह एसयूवी सचिन वझे के कब्जे में तब तक रही, जब तक मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक के साथ बरामद नहीं हो गई। सूत्रों के अनुसार एनआइए इस मामले में अब तक सात लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जिस रात मुकेश अंबानी के घर के निकट स्‍कार्पियो खड़ी की गई सीसीटीवी फुटेज में उसी रात पीपीई किट पहने हुए एक व्यक्ति निकट खड़ी इनोवा कार से निकलकर स्‍कार्पियो की ओर जाता दिखाई दे रहा है। चूंकि अब इनोवा और स्‍कार्पियो, दोनों की पहचान हो चुकी है। इसलिए एनआइए सचिन वझे की चाल-ढाल से उस रात वहां देखे गए पीपीई किट पहने व्यक्ति की चाल-ढाल का मिलान करवा रही है।

सचिन वझे ने छुपाई ये बात

एनआइए को शक है कि यह व्यक्ति स्वयं वजे ही हो सकता है। बता दें कि उस रात के बाद से गायब बताई जा रही उक्त इनोवा वझे की गिरफ्तारी तक मुंबई पुलिस मुख्यालय में ही खड़ी रही थी। इसका इस्तेमाल क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट के प्रमुख के तौर पर स्वयं सचिन वझे ही करता रहा। लेकिन अपनी गिरफ्तारी तक उसने इस बात को भी छुपाए रखा। चूंकि अंटीलिया मामले की जांच भी सरकार ने उसे ही सौंप रखी थी, इसलिए उसे भरोसा था कि वह इनोवा का मसला हजम करने में सफल रहेगा।मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अभी मुंबई एटीएस कर रही है, लेकिन राज्य सरकार एवं महाविकास आघाड़ी सरकार में शामिल राकांपा के ताजा रुख से स्पष्ट हो गया है कि अब सचिन वझे को मुंबई एटीएस से कोई रियायत नहीं मिलने वाली। इस बात के संकेत मंगलवार को मुंबई में अजीत पवार और दिल्ली में शरद पवार दे चुके हैं।

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