फिर छाया Lockdown का साया, बड़ी संख्या में अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मजदूर

प्रवासी मजदूर
प्रवासी मजदूर

नई दिल्लीः देशभर में कोरोना फिर से बेकाबू हो गया है, जिसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य सरकारों की तरफ से कभी भी लॉकडाउन को लेकर बड़ा फैसला आ सकता है. ऐसे में देश के दिल्ली, पुणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने अभी से घर वापसी की तैयारी शुरू कर दी है. इन शहरों में मौजूद रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बड़ी संख्या में मजदूर पहुंच रहे हैं।

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PM मोदी करेंगे बैठक

बता दें की देश में बढ़ते कोरोना को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6.30 बजे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. बीते साल कोरोना को लेकर सरकार की तरफ से लगाए गए लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों ने पैदल ही अपने घरों का रास्ता तय किया था. उस दौरान रेल, बस और सभी तरह की यात्रा सुविधाओं पर पाबंदी लगा दी गई थी. मजदूरों को अब फिर से उसी दौर का डर सताने लगा है. इसी के चलते उन्होंने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है।

 प्रवासी मजदूर
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इन राज्यों में नाइट कर्फ्यू

देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. महाराष्ट्र के कई अन्य जिलों में भी कोविड स्थिति काफी खराब हो चुकी है. इसके अलावा वीकएंड पर लॉकडाउन की घोषणा की गई है. वहीं, दिल्ली में भी आगामी 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. इनके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा के कई इलाकों में कड़ी पाबंदियां जारी हैं।

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पुणे में बेकाबू हालत

बता दें की पुणे में कोरोना से हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मरीजों को इलाज के लिए बिस्तर और वेंटिलेटर नहीं मिल रहे हैं. यह हाल निजी और सरकारी दोनों तरह के अस्पतालों में हैं. ऐसे में नगर निगम ने सेना से मदद मांगी है. आयुक्त ने दावा किया था कि सेना ने उनकी मदद की मांग को स्वीकार कर लिया है. पुणे स्थित सेना के अस्पताल में 335 बिस्तर और 15 वेंटिलेटर हैं. फिलहाल पुणे में 445 वेंटिलेटर हैं और सभी पर मरीजों का इलाज जारी है।

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