मेडिकल छात्र का अपहरण करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, 80 लाख की मांगी थी फिरौती

medical student kidnapping
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने गोंडा से मेडिकल छात्र का अपहरण कर 80 लाख की फिरौती मांगने वाले 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. बदमाशों के पास से पुलिस ने छात्र को सकुशल बरामद किया।हैरानी वाली बात ये है की अपहरण की साजिश दिल्ली के डॉक्टर अभिषेक ने रची थी. बदमाशों के पास से पिस्टल, कार, नशे का इंजेक्शन सहित अन्य चीजें बरामद हुई हैं. एसपी गोंडा शैलेश कुमार पांडे ने प्रेसवार्ता कर घटना की जानकारी दी।

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प्रेमजाल में फंसाकर किया अपहरण-

शैलेश पांडे ने बताया कि छात्र निखिल बहराइच की सतसंग नगर कालोनी,प्रयागपुर के रहने वाले हैं। वह गोंडा में एसपीपीएम कालेज से बीएएमएस की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता नील रतन अपने गांव में ही चिकित्सक हैं। मुख्य साजिशकर्ता अभिषेक सिंह दिल्ली के नजफगढ़ में स्थित राठी अस्पताल में डाक्टर है। वहीं उनके साथ प्रीति मेहरा भी डाक्टर है।

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और ये दोनों ही दीपावली से पैसा कमाने की योजना बना रहे थे। निखिल को लड़की के प्रेमजाल में फंसाकर अपहरण की योजना बनाई गई। अभिषेक ने प्रीति मेहरा से निखिल को फोन कराया। तीन-चार दिनों के दौरान ही निखिल उसके प्यार में फंस गया। प्रीति ने निखिल से मिलने के लिए कहा। निखिल ने अपने कालेज के बाहर ही लड़की को मुलाकात के लिए बुलाया। अभिषेक ने योजना में अपने दो अन्य साथियों को भी शामिल कर लिया।

यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते पर हत्थे चढ़े आरोपी-

18 जनवरी को अभिषेक के दोस्त उसकी स्विफ्ट कार से रोहित, मोहित, नीतेश व प्रीति लखनऊ पहुंचे। यहां कार से उतरकर रोहित बस से गोरखपुर चला गया। चारों लोग निखिल के कालेज के बाहर पहुंचे। प्रीति ने एक राहगीर के मोबाइल नंबर से निखिल को फोन कर बताया कि वह कालेज के बाहर गाड़ी में उसका इंतजार कर रही है। जैसे ही निखिल आया चारों ने उसे कार में बंधक बना लिया। चारों उसे लेकर दिल्ली में अभिषेक के फ्लैट बक्करवाला डीडीए पहुंचे और बंधक बनाकर रखा। सभी आरोपित फिरौती की रकम लेने के लिए यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते लखनऊ जा रहे थे। तभी उन्हें दबोच लिया गया।

80 लाख बढ़ा दी फिरौती की रकम-

छात्र का अपहरण करने के अगले दिन रोहित ने फिरौती के लिए निखिल के पिता को फोन किया। फोन करने के बाद सिम तोड़कर फेंक दिया। धमकी दी थी यदि दो दिन में पैसा नहीं मिला तो लड़के की हत्या कर देंगे। एक दिन बाद फिर नए नंबर से फोन कर पैसों के बारे में परिवार के लोगों से पूछा। परिवार के लोगों ने मिन्नत करते हुए कहा कि बेटे के साथ कुछ न करें और इतने पैसे उनके पास नहीं है। जिसके बाद बदमाशों ने रकम बढ़ा कर अस्सी लाख रुपये कर दी थी। फिरौती की रकम लेने के लिए छात्र को कार से लेकर लखनऊ जाते समय सभी आरोपी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए।

बता दें की एसटीएफ ने अभिषेक, नीतेश व मोहित को गिरफ्तार किया, जबकि गोंडा पुलिस ने रोहित व सतीश को गिरफ्तार किया।घटना के पर्दाफाश में एसटीएफ के इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने अहम भूमिका निभाई।

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