श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में जज ने रखा सुरक्षित फैसला, मस्जिद हटाने की मांग

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नई दिल्ली : श्री कृष्ण जन्मस्थान मामले में गुरुवार को जिला जज के न्यायालय में सुनवाई के दौरान वादी प्रतिवादी पक्ष उपस्थित हुए. ईदगाह कमेटी की ओर से अपील पर आपत्ति की गई. मथुरा के जिला और सत्र न्यायालय ने गुरुवार को मंदिर के पास से मस्जिद को हटाने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

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श्री कृष्ण विराजमान की याचिका पर यह सुनवाई हुई थी.न्यायालय ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. श्री कृष्ण जन्मस्थान मामले में दायर पहले वाद में गुरुवार को जिला जज यशवंत मिश्रा की अदालत में सुनवाई हुई.

मस्जिद को हटाकर सारी जमीन कृष्णजन्मभूमि ट्रस्ट को देने की मांग-

इस मामले में पूर्व में ही अदालत की ओर से जारी नोटिस पर चारों प्रतिभागियों ने अपने वकालतनामा में दाखिल कर दिए हैं. 25 सितंबर को लखनऊ निवासी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और भगवान श्री कृष्ण विराजमान समेत आठ लोगों ने अदालत में वाद दायर किया था. इसमें श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच 1968 में हुए समझौते को अवैध करार देते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की गई है. मस्जिद को हटाकर पूरी 13.37 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को देने की मांग की गई है.

पक्षकार बनने के लिए आवेदन-

इस मामले में अदालत ने चारों प्रतिभागियों श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट, शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड को नोटिस जारी किया था जिसमें चारों प्रतिवादियों की ओर से पूर्व में वकालतनामा दाखिल किए जा चुके हैं. इसी मामले में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा और माथुर चतुर्वेदी परिषद के अलावा सात अन्य लोगों ने भी पक्षकार बनने के लिए आवेदन कर रखा है.

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