यूपी विधानसभा में लव जिहाद विधेयक को मिली मंंजूरी, अब विधान परिषद में होगी परीक्षा

Love Jihad passed from both Houses of Legislative Assembly and Legislative Council

नई दिल्ली: योगी सरकार ने बजट सत्र के दौरान लव जिहाद पर अंकुश लगाने के लिए लाए गए उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2021 विधान सभा में पास करा लिया है।
बता दें कि इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया गया। हांलाकि अभी यह विधेयक विधान परिषद में पास होने के बाद राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद यह कानून बन जाएगा।

योगी सरकार

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पिछले साल ही राज्यपाल ने दी थी मंजुरी

ज्ञात हो कि पिछले वर्ष नवंबर में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी मिलने के साथ ही उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 लागू हो गया है। अध्यादेश लागू किए जाने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसे कैबिनेट ने 24 नवंबर को अध्यादेश को मंजूरी दी थी तथा अनुमोदन के लिए राजभवन भेजा गया था।

सरकार इस विधेयक कोअब विधान परिषद में ले जाएगी

उल्लेखनीय है कि नियम के अनुसार अध्यादेश को छह माह के भीतर विधान मंडल के दोनों सदनों में मंजूरी दिलानी होती है। इसी के तहत बुधवार को इसे विधान सभा में इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित करा लिया गया है। अब सरकार इस विधेयक को विधान परिषद में ले जाएगी।

दो महीने पहले जिलाधिकारी को देने होते थे सुचना

प्रदेश में लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं पर कठोर कार्रवाई के लिए योगी सरकार ने धर्मांतरण को लेकर कठोर कानून बनाया है। छल-कपट से, कोई प्रलोभन देकर या जबरन कराए गए धर्मांतरण के लिए प्रदेश में कानून लागू किया गया है। इसके तहत धर्म बदलने के लिए कम से कम 60 दिन यानी दो महीने पहले जिलाधिकारी या संबंधित अपर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष तय प्रारूप में आवेदन करना अनिवार्य होगा।

घोषणा करने के 21 दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष होनाल पड़ता था हाजिर

आवेदन पत्र में यह घोषणा करनी होगी कि संबंधित व्यक्ति खुद से, अपनी स्वतंत्र सहमति से तथा बिना किसी दबाव, बल या प्रलोभन के धर्म परिवर्तन करना चाहता है। घोषणा करने की तारीख से 21 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत होकर अपनी पहचान स्थापित करनी होगी और घोषणा की विषयवस्तु की पुष्टि करनी होगी। जिलाधिकारी धर्म परिवर्तन के वास्तविक आशय, प्रयोजन व कारण की पुलिस के जरिये जांच कराने के बाद अनुमति प्रदान करेंगे।

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