Justice NV Ramana हो सकते हैं अगले मुख्य न्यायाधीश, CJI बोबडे ने की सिफारिश

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नई दिल्ली: Justice NV Ramana: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी यानी अगले सीजेआई की नियुक्ति के लिए सरकार को जस्टिस एन वी रमन्ना के नाम की सिफारिश भेजी है। ज्ञात हो कि जस्टिस एन वी रमन्ना एस ए बोबडे के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं। जस्टिस एस ए बोबडे का कार्यकाल 23 अप्रैल को खत्म हो रहा है। सीजेआई बोबडे(CJI Bobde) ने अपने कार्यकाल में कुछ अहम फैसलों में बड़ी भूमिका निभाई है। कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों का मामला रहा हो या किसानों के आंदोलन को लेकर सुनवाई, सीजेआई बोबडे उसमें प्रमुख भूमिका में रहे।

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Justice NV Ramana: का कई बडे़े फैसले में था अहम रोल

इसके अलावा, अयोध्या राम जन्मभूमि केस और पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के खिलाफ यौन शोषण के मामलों में भी एस ए बोबडे का अहम रोल रहा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस 65 साल तक की उम्र तक पद पर रह सकते हैं और उन्हें संसद में अभियोग चलाए बगैर हटाना संभव नहीं होता। अनुच्छेद 124(4) इस अभियोग प्रक्रिया के बारे में बताता है। इसके अलावा, सीजेआई अपनी मर्जी से राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा देकर भी पद छोड़ सकते हैं।

कौन हैं जस्टिस वेंकट रमन्ना 

जस्टिस नाथुलापति वेंकट रमन्ना का जन्म अविभाजित आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में अगस्त 27, 1957 को हुआ था. 2 फरवरी, 2017 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। फिलहाल उनके कार्यकाल के दो ही साल बचे हैं, वे 26 अगस्त, 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने वकालत का काम 10 फरवरी, 1983 में शुरू किया था। चंद्रबाबू नायडू के आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के दौरान, जस्टिस रमन्ना आंध्र प्रदेश सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल भी रहे थे।

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आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में स्थायी जज के तौर पर भी नियुक्त किए गए थे

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमन्ना ने विज्ञान और कानून में स्नातक की डिग्रियां हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट, केंद्रीय प्रशासनिक ट्राइब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस शुरू की। राज्य सरकारों की एजेंसियों के लिए वो पैनल काउंसिल के तौर पर भी काम करते थे। 27 जून, 2000 को वे आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में स्थायी जज के तौर पर नियुक्त किए गए। इसके बाद साल 2013 में 13 मार्च से लेकर 20 मई तक वो आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे।

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