Maharashtra समेत कई प्रदेशों में संक्रमण की दर में वृद्धि, केंद्र ने बताया खतरनाक

AIIMS
Corona Broken Own Records

नई दिल्ली: Maharashtra: बढ़ते कोरोना मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को साफ कहा कि कुछ राज्यों की लापरवाही से देश में कोरोना की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इन राज्यों के चलते पूरे देश के लिए खतरा पैदा हो गया है और किसी को भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बढ़ते मामलों से यह भी स्पष्ट है कि कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से सक्रिय है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में कोरोना जांच में बड़ी संख्या में संक्रमित व्यक्तियों के मिलने से साफ है कि ये राज्य या तो पर्याप्त संख्या में टेस्ट नहीं कर रहे हैं या फिर कांट्रैक्ट ट्रैसिंग कर संक्रमण की आशंका वाले लोगों को क्वारंटाइन करने में ढिलाई बरत रहे हैं।

Maharashtra: संक्रमण में वृद्धि, खतरनाक

राजेश भूषण ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर मास्क पहनने और शारीरिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। राजेश भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना की संक्रमण दर (जांच में संक्रमित पाये जाने की दर) 23.44 फीसद तक पहुंच गई है। यानी यहां जितने लोगों की जांच हो रही है, उनमें हर चौथा व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिल रहा है।

यह संक्रमण के लिए खतरनाक स्थिति है। इसका सीधा मतलब है कि महाराष्ट्र में पर्याप्त संख्या में कोरोना के टेस्ट नहीं हो रहे हैं और उन्हें तत्काल बढ़ाए जाने की जरूरत है। पंजाब में 8.92 फीसद, छत्तीसगढ़ में 8.24 फीसद और मध्यप्रदेश में 7.82 फीसद संक्रमण दर इसी स्थिति को दर्शाती है।

भूषण ने कहा कि कोरोना संक्रमण की अधिक संख्या वाले राज्यों के साथ-साथ 47 जिलों के जिलाधिकारियों व अन्य अधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक कर स्थिति की समीक्षा की गई और उन्हें तत्काल जरूरी कदम उठाने के कहा गया। इसके अलावा टेस्टिंग बढ़ाने के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आइसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को अलग से इन जिलों के साथ बैठक की।

महाराष्ट्र के जिले सबसे प्रभावित

भूषण ने बताया कि बढ़ते मामलों के आधार पर देश में कुल 47 जिलों को चिन्हित किया गया है। इनमें से भी 10 जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित जिले हैं। इनमें से आठ जिले महाराष्ट्र(Maharashtra) से हैं। इनमें पुणे, मुंबई, नागपुर, ठाणे, नासिक, औरंगाबाद, नांदेड़ और अहमदनगर शामिल हैं। इसके अलावा कर्नाटक का बेंगलुरु अर्बन और दिल्ली भी इसमें है। पूरी दिल्ली को एक जिले के रूप में माना गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को लिखा पत्र

राजेश भूषण ने मंगलवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नए सिरे से कोरोना के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया। राजेश भूषण का कहना था कि जिन जिलों में अभी कोरोना का कम संक्रमण भी दिख रहा है, उनके ज्यादा दिन तक कम रहने की संभावना नहीं है। संक्रमण की रफ्तार इसी तरह से रही तो इन जिलों में भी स्थिति विस्फोटक हो सकती है। भूषण के अनुसार यदि राज्यों ने अभी कोरोना के संक्रमण रोकने के लिए कदम नहीं उठाए तो यह विकराल रूप धारण कर सकता है।

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