Hardoi Honor Killing: बेटी का कटा सिर लेकर पिता पहुंचा थाने, पुलिस वाले हैरान

Hardoi Honor Killing
बेटी का कटा सिर

नई दिल्ली: Hardoi Honor Killing: नंगे पैर पैदल जा रहे युवक के हाथ में लड़की का कटा सिर, जिसने देखा सन्न रह गया। पहले तो कोई कुछ समझ नहीं पाया। थाने के पास पहुंचकर उसने पुलिस कर्मियों को खुद बताया। कहा कि बेटी का सिर है। काटकर लाया हूं, धड़ कमरे में पड़ा है। दो दिन से खाया पिया नहीं, अब चैन आया है।

Hardoi Honor Killing: बेटी का कटा सिर लेकर पहुंचा थाने

मझिला थाना क्षेत्र के पांडेयतारा निवासी किसान वैसे तो पुत्री को पढ़ा लिखाकर कुछ बनाने के सपने देख रहा था, लेकिन उसकी पुत्री परिवार के ही आदेश के जाल में फंस गई। बेटी के प्रेम प्रसंग की उसे जानकारी मिली तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि इतना बड़ा कदम उठा लेगा। वह तो मौके की तलाश में था। उसे पता था कि घर में जब कोई नहीं होता है तो आदेश बेटी से मिलने आता है। बुधवार दोपहर को वही हुआ, जैसे ही वह कमरे में पहुंचा तो बेटी के साथ आदेश को देखकर उसका खून खौल गया। वह बेटी के साथ आदेश को भी मारना चाहता था, लेकिन वह भाग गया तो बेटी का सिर काट लिया। कटे सिर के संभालता रहा बाल

पुलिस पर कार्यवाही

Hardoi Honor Killing: हाथ में कटा सिर लेकर थाने के पास पहुंचे आरोपित को पुलिस ने रोककर सिर रखने को कहा। फिर खुद कटा सर लेकर पुलिस का एक सिपाही थाने पंहुचा, तो उसी पर कार्यवाही हो गई। दरअसल मामला यह था की कटा सर खुलेआम ले जा रहा था इसलिए उसपर कार्यवाई हो गयी, खुलेआम सिपाही के द्वारा सर ले जाने की सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी तस्वीर, जिस बजह से आईजी लक्ष्मी सिंह ने कार्यवाई कर दी,आईजी ने लिखा थाना मझिला अंतर्गत घटित घटना बहुत ही संवेदनशील है, आरक्षी का आचरण मानवीय मूल्यों व पुलिस के प्रोटोकॉल के विपरीत है, जिसके लिए आरक्षी को निलंबित किया गया है। हम मानवीय गरिमा, मर्यादा व नारी सम्मान को सर्वोपरि मानते हैं।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार उसने बहुत ही तसल्ली से सिर को जमीन पर रखा, चोटी पकड़े होने से बाल चेहरे पर आ गए तो आराम से चेहरे से बाल हटाए। फारेंसिक टीम भी मौके पर बुलाई गई।

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पता होता तो अकेले न छोड़ते बेटी

घरवालों को नहीं पता था कि इतना बड़ा कांड हो जाएगा। रोती हुई मां और दादी पुलिस को यही बताती रहीं कि उन्हें कुछ पता नहीं था। उनके सामने तो उसने मारपीट तक नहीं की, अगर यह पता होता तो वह बेटी को अकेला छोड़कर खेत नहीं जाती। मृतका की मां, दादी और बहन, भाई बदहवास से हो गए हैं।

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