मिलिए गोरखपुर की पहली महिला गैंगस्टर से, जानिये आखिर क्यों रखा अपराध की दुनिया में कदम

Gorakhpur Gangster Geeta Deoria
Gorakhpur Gangster Geeta Deoria

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडलीय कारागार में बंद जिले की पहली महिला गैंगस्टर गीता तिवारी को देवरिया जेल भेजा गया है। उस पर महिला बैरक में गुटबाजी करने और सही आचरण नहीं करने का आरोप लगा था। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे दूसरी जेल में शिफ्ट करने की शासन से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद उसे देवरिया भेज दिया गया। तिवारीपुर के सूर्य विहार कॉलोनी निवासी गीता तिवारी पर हत्या के प्रयास, लूट और गैंगस्टर सहित कई मामले दर्ज हैं।

गीता पर वर्ष 2019 में कोतवाली, गोरखनाथ और तिवारीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। गैंगस्टर के तहत हुई कार्रवाई में गीता को जेल भेजा गया था। जमानत मिलने पर उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) जारी हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

 नाती के जन्मदिन की पार्टी में दो व्यक्तीयों को गोली मारी

20 अक्तूबर को जमानत पर बाहर आने के बाद एक नवंबर की रात गीता ने जन्मदिन की पार्टी आयोजित की। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ कई अपराधी मौजूद थे। किसी बात पर पार्टी में विवाद हो गया, तो गीता ने अपने साथियों के साथ मिलकर नितिश व मोहम्मद आमिर को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने दो नवंबर को गीता व उसके साथी जस्सू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

Gorakhpur Gangster Geeta Deoria
Gorakhpur Gangster Geeta Deoria

शादी से पहले गीता संवासिनी गृह में रहती थी। हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े शिवकुमार तिवारी से उसकी शादी तत्कालीन डीएम ने कराई थी। शिवकुमार उस समय समाजसेवी था। बाद में वह स्मैक की तस्करी करने लगा। चार साल पहले शिवकुमार की मौत हो गई तो उसके सभी गोरखधंधे को गीता ने संभाल लिया। चोरी के मामलों में जेल गई और घर पर अपराधियों का आना-जाना शुरू हुआ तो पुलिस ने गैंगस्टर लगाकर जेल भेज दिया।

आर्केस्ट्रा का संचालन

शिवकुमार से शादी के बाद गीता आर्केस्ट्रा का संचालन करने लगी थी। तब शिवकुमार पत्नी गीता के साथ कोतवाली इलाके में किराए के मकान में रहता था। करीब दस साल पहले गीता के घर पर छापा पड़ा तो पांच अपराधी पकड़े गए। इस मामले में पहली बार गीता जेल गई थी। इसके बाद शिवकुमार को हिंदू युवा वाहिनी से निकाल दिया गया। शिवकुमार कहां से आया था इसकी जानकारी किसी को नहीं है। राजाघाट इलाके में वह किराए का कमरा लेकर रहता था। इसी दौरान समाजसेवा करने लगा। हियुवा से निकाले जाने के बाद वह कोतवाली इलाके में किराए का कमरा लेकर रहने लगा और तत्कालीन डीएम के संपर्क में आने के बाद उसकी शादी गीता से हो गई।

 

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