जिओ टावर समझ कर तोड़ रहे थे आंदोलनकारी, रिलाइंस बेच चुका उन्हें इसी साल

farmer agitation reliance jio sold towers
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नई दिल्ली : नए कृषि बिलों के खिलाफ किसान आंदोलन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, इसमें उपद्रव, तोड़फोड़ जैसी दुखद बातें भी सामने आने लगी हैं. खासकर पंजाब में बड़े पैमाने पर रिलायंस जियो के टावर को नुकसान पहुंचाने की खबरें हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है ​जिन टावर को जियो का समझकर आंदोलनकारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, उसके पूरे कारोबार को रिलायंस इसी साल पूरी तरह से कनाडा की एक कंपनी को बेच चुकी है.

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COAI ने राज्य सरकार से मांगी सुरक्षा-

खबरों के अनुसार पंजाब में ही में जियो के करीब 1,500 टावर को नुकसान पहुंचाया गया है. इसकी वजह राज्य में कई जगह जियो की सेवाएं बाधित हो गयी हैं. सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने राज्य सरकार से इन टावर को सुरक्षा मुहैया करने की मांग की है.

इस कंपनी ने खरीदे टावर-

असल में कनाडा की कंपनी ब्रूकफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी ने रिलायंस जियो के टावर कारोबार की 100 फीसदी हिस्सेदारी करीब 25,215 करोड़ रुपये में खरीद ली है.​ जियो के पास देशभर में करीब 1,35,000 टावर थे, जो जियो इन्फ्राटेल नामक कंपनी के द्वारा संचालित किये जा रहे थे. बिजनेस टुडे की एक खबर के अनुसार, यह सौदा अक्टूबर 2020 में ही पूरा हुआ है. हालांकि इसके लिए डील 2019 में हुई थी और इसके लिए नियामक मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था.

इसलिए कर रहे हैं हमला-

गौरतलब है कि किसानों के बीच यह बात प्रचारित की जा रही है कि नए किसान बिल से बड़े उद्योगपतियों खासकर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी को फायदा होगा. इसीलिए किसानों के उग्र होने की स्थिति में रिलायंस जियो के एसेट आसान निशाना हैं जो देश भर में गांव-कस्बों तक फैले हुए हैं.

 

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