दिल्ली पुलिस ने शुरू किया अभियान, कार में पीछे बैठकर ना करे ये काम

दिल्ली पुलिस ने शुरू किया अभियान, कार में पीछे बैठकर ना करे ये काम

नई दिल्ली: देश में जहॉं एक ओर सड़क सुरक्षा के हजारों नियम है। वहीं दुसरी ओर, कुछ लोग अपनी जान को खतरे में डालकर सारे नियमों को अनदेखा कर देते हैं। इसी के मद्देनजर दिल्ली पुलिस सड़क सुरक्षा कानुन को लेकर लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। जिसमें हाल ही में दिल्ली पुलिस ने कार में पीछे बैठकर सीटबेल्ट नहीं पहनने वालों के लिए एक अभियान शुरू किया है। जो 13 जनवरी से 23 जनवरी तक पश्चिमी दिल्ली में लागु रहेगी। इस अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस पीछे की सीट बेल्ट न पहनने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना जारी करेगी।

दिल्ली पुलिस ने शुरू किया अभियान, कार में पीछे बैठकर ना करे ये काम

दोपहिया वाहनों पर भी सख्ती-

हालांकि यहां पर गौर करने की बात यह है कि अभी तक यह सीट बेल्ट ड्राइव केवल राष्ट्रीय राजधानी के पश्चिमी क्षेत्रों में है। जिसे जल्द ट्रैफिक पुलिस अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार करने पर विचार कर रही है। बताते चलें कि, रियर सीट बेल्ट के लिए चालान जारी करने के साथ ट्रैफिक पुलिस उन मोटर चालकों पर जुर्माना लगाएगी, जिनके पास दोपहिया वाहनों पर रियरव्यू मिरर नहीं हैं। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में दोपहिया वाहनों में रियरव्यू का ना होना आम बात है।

इस बात की जानकारी पश्चिम दिल्ली यातायात पुलिस ने एक अधिसूचना में देते हुए कहा कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अनुसार रियर सीट बेल्ट पहनने और दोपहिया वाहनों पर रियरव्यू मिरर लगाने के प्रावधान हैं। इन नियमों का उल्लंघन करना न केवल गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है, बल्कि बेहद जानलेवा भी है। जिसके चलते सीट बेल्ट न पहनने की स्थिती में यात्री पर भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

 लुक को बढ़ाने के चक्कर में  नही लगाते रियरव्यू मिरर

बता दें कि जागरूकता और अनुपालन की कमी के कारण कारों में लगभग सभी पीछे बैठे यात्री सीटबेल्ट नहीं पहनते हैं। इससे दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को गंभीर चोटें आती है। वहीं दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करने वाले बाइक के लुक को बढ़ाने के चक्कर में रियरव्यू मिरर को हटा देते हैं, लेकिन यह उन्हें पीछे से आ रहे गाड़ियों से अनजान बनाता है और लेन बदलते समय एक गंभीर जोखिम बन जाता है।

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