सावधान : कोरोना महामारी के बीच देश के इन राज्यों में बढ़ रहा ब्लैक फंगस का खतरा

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा व पंजाब में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) का खतरा बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में रायपुर के चार अस्पतालों में 30 से अधिक मरीज मिले हैं। वहीं, रामकृष्ण अस्पताल में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस की वजह से रायपुर निवासी 40 वर्षीया एक महिला के आंख की रोशनी चली गई। मध्य प्रदेश के इंदौर में अब तक चार और नरसिंहपुर में एक मरीज की मौत हो गई है। छत्तीसगढ़ में अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले संक्रमित महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था। बाद में ब्लैक फंगस की पहचान की गई। इस बीच महिला की एक आंख की रोशनी चली गई है।

black-fungus-outbreak-in-many-states-of-india-punjab-haryana-chattisgarh-and-others-five-deaths-in-madhya-pradesh
black-fungus-outbreak-in-many-states-of-india-punjab-haryana-chattisgarh-and-others-five-deaths-in-madhya-pradesh

सरकार ने जारी किया अलर्ट

राज्य में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अलर्ट जारी किया है। औषधि विभाग द्वारा जिला स्तर पर बीमारी में कारगर दवा पोसाकोनाजोल, एम्प्रोटेरेसिन-बी को आवश्यक दवाओं की श्रेणी में रखा गया है। इन दवाओं का पहले ज्यादा उपयोग नहीं होने की वजह से थोक दवा बाजार में यह न के बराबर उपलब्ध है। रायपुर दवा विक्रेता संघ के मुताबिक थोक दवा बाजार में पोसाकोनाजोल का स्टाक शून्य और एम्प्रोटेरेसिन-बी इंजेक्शन के 100 वायल उपलब्ध थे। जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष विनय कृपलानी ने बताया कि पोसाकोनाजोल, एम्प्रोटेरेसिन-बी की मांग काफी कम होती थी, इसलिए बाजार में न के बराबर उपलब्ध है।

मध्यप्रदेश में चार लोगों की हुई मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर में चार व नरसिंहपुर में एक मरीज की मौत इस बीमारी से होने की पुष्टि हुई है। नरसिंहपुर जिले में अब तक पांच मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। एक मरीज की आंख निकालनी पड़ी। उसका आपरेशन जबलपुर में हुआ, जबकि एक मरीज की 10 मई को मौत हो चुकी है। सिवनी में भी एक मरीज मिला है। बुधवार को राज्य सरकार ने भी 50 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि की थी। ब्लैक फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या यकायक बढ़ने से डॉक्टर भी हैरान हैं।

Black Salt Benefits : इन बिमारियों के लिए रामबाण है काला नमक ….

इंदौर के बॉम्बे अस्पताल के न्यूरो फिजिशियन डा.आलोक मांदलिया के मुताबिक एक माह में हमारे अस्पताल में इस संक्रमण के 75 से 80 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 20 को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई और अभी 50 का इलाज जारी है। संक्रमण अधिक होने के कारण चार लोगों की आंखें निकालनी पड़ी, वहीं चार लोगों की मौत भी हो चुकी है।

हरियाणा में आये केस सामने

हरियाणा में कोरोना की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस कहर बरपा रहा है। पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस रोहतक में सितंबर 2020 से अप्रैल 2021 तक आठ महीने में जहां इस बीमारी के 21 केस आए थे, लेकिन मई माह में ही छह नए मामले सामने आ चुके हैं। इन सभी मरीजों का आपरेशन होना है। एक गंभीर मरीज की मौत हो गई है। इसके अलावा गुरुग्राम में 14, फरीदाबाद में छह, करनाल में दो और फतेहाबाद तथा झज्जर में एक-एक केस मिले हैं।

पंजाब में ब्लैक फंगस का कहर

पंजाब के लुधियाना में बीस से अधिक लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं और उनका डीएमसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ऐसे अधिकतर मरीजों की उम्र 40 से 65 वर्ष के बीच है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *