अब ग्रामीण सड़क होगी और चौड़ी, योगी सरकार का फैसला

ग्रामीण सड़क होगी और चौड़ी
ग्रामीण सड़क होगी और चौड़ी

नई दिल्ली : योगी सरकार दुर- दराज गांव तक जाने वाली सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई पांच मीटर करने जा रही है। लोक निर्माण विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र तीन मीटर चौड़ाई की ही सड़के बनाता है ।

वही विभाग अब 250 से अधिक आबादी वाले छह हजार गांवो को चरणबद्ध तरीके से पक्के मार्गों से जोड़ा जा रहा है। बता दें कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग की लगभग 2.50 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़के है। विभाग द्वारा अब तक ग्रामीण क्षेत्र में तीन मीटर चौड़ाई की ही सड़के बनाई जाती थी। साथ ही समय के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी संपन्नता होने लगी है। उसे से गांवों में चार पहिए निजी वाहनो का तेजी से आवागमन बढ़ता जा रहा है । उस को देखते हुए लोक निर्माण विभाग अब तीन मीटर के बजाय पांच मीटर चौड़ी सड़के बनाने जा रहा है।

 

सड़को की चौड़ाई

कैशव प्रसाद मौर्य लोक निर्माण विभाग का दायित्व संभाल रहै है। ग्रामीण क्षोत्रों के निवासियों का शहरों-कस्बो से आवागमन बढ रहा है । क्षेत्रों में ट्रेक्टर व अन्य वाहनो की भी संख्या बढती जा रही है। ऐसे में सड़को की चौड़ाई कम होने से उन्हे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उसे को देखते हुए ही सड़कों की चौड़ाई इतना करने का निर्माण लिया गया है। इस लिए मुख्य मार्ग तक कही भी गाड़ियों के पास होने में दिक्कत न होने । वही इसे् चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है ।

 

गाज़ियाबाद : मंदिर में पानी पीने गए लड़के को बुरी तरह पीटा, वायरल हुआ वीडियो

पांच मीटर चौड़ी

पांच मीटर चौड़ी के साथ ही दोनों तरफ पटरी भी बनाई जाएगी ।उन ने बताया कि ब्लाक मुख्यालयों को जोड़ने वाली सड़के सात मीटर और ब्लाक को तहसील से जोड़ने वाले मार्गो की सड़के अब 10 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। पिछले चार वर्षों के दौरान विभाग द्वारा लगभग 12485 किलोमीटर ग्रामीण का निर्माण कराया गया है। 1570 करोड़ रूपये से सभी ब्लाक मुख्यालयों को दो लेन से जोड़ने के अलावा 387 करोड़ रूपये से तहसीस मुख्यालयों को दो लैन का किया जाएगा। प्रदेश में लगभग 13384 किलोमिटर लंबाई के मार्गों का चौड़ीकरण व सुदृढीकरण किया जा रहा है । प्रतिदिन औसतन 10 किलोमीटर सड़कों को चौड़ा और नौ किलोमीटर का नवनिर्माण कराया जा रहा है । रास्ते में पड़ने वाले छोटे-बड़े 413 सेतुओ का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिससे प्रत्येक तीन दिन में एक सेतु बनकर तैयार हौ रहा है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *