AAP विधायक राघव चड्ढा हिरासत में, LG और गृह मंत्री के आवास पर देने वाले थे धरना

aap protest outside lg and home minister residence
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नई दिल्ली: एलजी अनिल बैजल और केंद्रीय गृह मंत्री के घर धरने से पहले आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा और ऋतु राज को पुलिस ने उनके घर से हिरासत में लिया। ऋतु राज को थाने ले जाया गया है जबकि राघव चड्ढा के घर के बाहर पुलिस तैनात है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के उस प्रार्थना पत्र से अस्वीकार कर दिया है जिसमें एलजी और गृह मंत्री के घर के बाहर शांतिपूर्वक धरने देने की इजाजत मांगी थी।

केजरीवाल के घर के बाहर धरना दे रहे तीनों निगमों के महापौर-

दरअसल, मुख्यमंत्री आवास पर गत 7 नवंबर से धरना दे रहे भाजपा शासित तीनों नगर निगमों के महापौरों के जवाब में आम आदमी पार्टी (आप) भी रविवार से धरना शुरू करने जा रही है। पार्टी ने जो योजना बनाई है उसके तहत आप का भाजपा पर हमला दो जगह धरना देकर होगा। एक तरफ उपराज्यपाल निवास पर धरना होगा तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री के आवास के बाहर धरना दिया जाएगा। ये धरना उत्तरी नगर निगम द्वारा दक्षिणी नगर निगम के 2400 करोड़ रुपये माफ कर दिए जाने के मामले में सीबीआइ मांग को लेकर होगा।

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bjp mayor protest kejriwal house outside

आप ने घोषणा की है कि धरना तब तक चलेगा जब तक केंद्र सरकार सीबीआइ जांच की मांग स्वीकार नहीं कर लेता है। इस बारे में आप की वरिष्ठ नेता और विधायक आतिशी ने शनिवार को प्रेसवाता कर बताया कि उत्तरी नगर निगम के खिलाफ सीबीआइ जांच की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायक व पार्षद रविवार सुबह 11 बजे दिल्ली के उपराज्यपाल और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे। इसके बाद धरने पर बैठेंगे।

3000 करोड़ की मांग जायज नहीं- 

आतिशी ने कहा कि उत्तरी नगर निगम ने हेरफेर कर दक्षिणी नगर निगम पर बकाया जिस 2400 करोड़ की राशि को माफ कर दिया है। इतनी राशि इस नगर निगम को मिल जाती तो इस नगर निगम के सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन दिया जा सकता था। आतिशी ने इसे भ्रष्टाचार बताया है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार के लिए कौन जिम्मेदार है? दिल्ली के शहरी विकास मंत्री ने भी इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री आवास पर धरना दे रहे तीनों महापौर की 13000 करोड़ की मांग को आम आदमी पार्टी जायज नहीं मानती है। पार्टी कई बार यह बात साफ कर चुकी है कि निगमों का दिल्ली सरकार पर एक भी पैसा बकााया नहीं है।

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