साफ हो गई उत्तरप्रदेश की जिला पंचायतों में आरक्षण नीति

महिलाओं का आरक्षण
महिलाओं का आरक्षण

उत्तर प्रदेश: बागपत व शामली में पहली बार अनुसूचित जाति वर्ग से कोई महिला जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हो सकेगी. पंचायतों में नई आरक्षण नीति लागू करने के लाभ आरक्षित वर्ग को मिला है, अभी तक जो सीटें कभी अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित न हो सकी थीं. उन्हें आरक्षित किया गया है, नए आरक्षण से कई दिग्गजों का गणित भी गड़बड़ा गया है, इस बार 25 जिला पंचायतों में अध्यक्ष की कुर्सी पर महिलाएं दिखाई देंगी। ये भी पढ़ें – पक्ष विपक्ष को भूलकर गुलाम नबी आजाद की विदाई पर भावुक हुए पीएम मोदी

महिलाओं का आरक्षण
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शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का आरक्षण व आवंटन जारी करते बताया कि इस बार 75 जिला पंचायत अध्यक्षों में से 16 अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित होंगी, इनमें छह पर महिलाओं का आरक्षण रहेगा, इसी क्रम में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित 20 सीटों में से सात महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी, इसके अलावा 12 अन्य सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, यानी 25 जिला पंचायतों में महिला अध्यक्ष चुनी जाएंगी। ये भी पढ़ें –  अफगानिस्तान में अमेरिका का हवाई हमला, 90 से अधिक आतंकी ढ़ेर होने की खबर 

महिलाओं का आरक्षण
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वाराणसी, लखनऊ, बागपत, कन्नौज व अमेठी जैसे वीआईपी जिलों में भी महिला अध्यक्ष निर्वाचित होंगी, कुल 58,194 ग्राम पंचायतों में से 19,659 गांवों में महिला प्रधान तथा 300 ब्लाक प्रमुख चुनी जाएंगी। ये भी पढ़ें – पक्ष विपक्ष को भूलकर गुलाम नबी आजाद की विदाई पर भावुक हुए पीएम मोदी

 

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