डिजिटल जनगणना : जानें कौनसी जानकारियां करवानी होगी मुहैया,क्या रहेगी प्रक्रिया?

डिजिटल जनगणना
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नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट 2021-22 पेश कर दिया है। इस बार बजट पेश करने के दौरान एक ऐतिहासिक घोषणा भी की है, दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी जनगणना के लिए 3,726 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। साथ ही बजट घोषणा के दौरान उन्होने बताया कि देश में पहली बार डिजिटल जनगणना की जाएगी।

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अमित शाह भी पूर्व में कर चुके हैं घोषणा-

आपको बता दें कि डिजिटल जनगणना की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पूर्व में कर चुके हैं। उन्होने कहा था कि 2021 की जनगणना मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से की जाएगी। जिससे हमें कागज से डिजिटल जनगणना की तरफ जाने में मदद मिलेगी। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाया जाएगा। वहीं, जनगणना के आंकड़ों को एक मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र किया जाएगा।

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मोबाइल ऐप का होगा इस्तेमाल- 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना में मोबाइल ऐप का इस्तेमाल होगा। शाह ने कहा कि इससे हमें कागज से डिजिटल जनगणना की तरफ जाने में मदद मिलेगी। गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। बता दें कि, वर्ष 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक देश की कुल आबादी 121 करोड़ थी। केंद्र सरकार ने इस साल मार्च में घोषणा की थी कि अगली जनगणना एक मार्च 2021 से शुरू होगी।

  • क्या परिवार के पास एक टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार या जीप या वैन, रेडियो या ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, लैपटॉप या कंप्यूटर, और इंटरनेट तक पहुंच है?
  • भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकारी या जनगणना संख्या), जनगणना घर की संख्या, जनगणना घर के फर्श, दीवार और छत की प्रमुख सामग्री, जनगणना घर का उपयोग, जनगणना घर की स्थिति, घर का नंबर, कुल सामान्य रूप से घर में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, घर के मुखिया के नाम आदि से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी।
  • जनगणना सदस्य पूछेंगे कि क्या घर का मुखिया एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणी से संबंधित है, जनगणना घर के स्वामित्व की स्थिति, विशेष रूप से घर के कब्जे में रहने वाले कमरों की संख्या, विवाहित जोड़े की संख्या (रहने वाले) घरेलू, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता और घर में मुख्य अनाज का सेवन।
  • नोटिफिकेशन के मुताबिक लाइट के मुख्य स्रोत से संबंधित सवाल, क्या परिवार के पास शौचालय है, शौचालय का प्रकार, स्नान की सुविधा की उपलब्धता, रसोई और रसोई गैस / पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता और खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मुख्य ईंधन से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
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2021 की जनगणना पारंपरिक कलम और कागज से हटकर, मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से की जाएगी। जनगणना की रिफरेंस डेट 1 मार्च, 2021 होगी, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के लिए यह 1 अक्टूबर, 2020 होगी। केंद्र सरकार ने भी सितंबर 2020 तक एक राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) तैयार करने का फैसला किया है, जिसे जनगणना के हाउसलिस्टिंग चरण के साथ किया जाएगा।

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