जाने ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक और गूगल ने अपने ही पेज को क्यों कर दिया ब्लॉक

ऑस्ट्रेलिया
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नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया में न्‍यूज दिखाने के लिए पैसा देने के कानून से भड़के फेसबुक ने सभी समाचार वेबसाइटों को खबरें पोस्‍ट करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। फेसबुक के इस बैन की चपेट में मौसम, राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और पश्चिमी ऑ‍स्‍ट्रेलियाई विपक्षी नेता आ गए हैं। यही नहीं फेसबुक ने ऑस्‍ट्रेलिया में खुद अपना पेज भी ब्‍लॉक कर दिया है।

ऑस्ट्रेलिया में बहुत बुरा असर पड़ा है

फेसबुक के इस बैन की वजह से आपातकालीन सेवाओं पर बहुत बुरा असर पड़ा है। फेसबुक ने ऑस्‍ट्रेलियाई न्‍यूज वेबसाइटों को खबरों को पोस्‍ट करने से और देसी या विदेशी न्‍यूज वेबसाइट की खबर को खोलने पर रोक लगा दी है। फेसबुक ने इस बैन पर कहा है कि वह सीनेट में आए कानून के विरोध में यह रोक लगा रहा है। इस कानून में कहा गया है कि फेसबुक और गूगल न्‍यूज कंपनियों को पैसे का भुगतान करने के लिए बात करेंगी।

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इस कानून की चपेट में सरकारी एजेंसियों ओर दर्जनों पेज भी आ गए। ये पेज कई घंटे तक ब्‍लॉक रखे जाते है। मौसम विभाग के पेज को ब्‍लॉक कर दिया गया है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे उनकी वेबसाइट, ऐप या ट्विटर पेज पर जाएं.और मसौदा की जानकारी ले सकते है।

 तकनीकी संशोधन

ऑ‍स्‍ट्रेलियाई सरकारी इन विधायी बदलावों को ‘स्पष्टीकरण और तकनीकी संशोधन’बताया गया है। आस्ट्रेलियाई मंत्रियों ने पिछले सप्ताह के अंत में फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग और अल्फाबेट इंक एवं इसकी कंपनी गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई के साथ चर्चा की है।आस्ट्रेलिया की कंजरवेटिव सरकार संसद का मौजूदा सत्र 25 फरवरी को संपन्न होने से पहले ‘न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड’को लागू करने जा रही रही है.

विधेयक की निंदा

आस्ट्रेलिया में ऑनलाइन विज्ञापन में 81 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले गूगल और फेसबुक ने इस विधेयक की निंदा की है। गूगल ने धमकी दी है कि यदि यह विधेयक पेश किया गया तो आस्ट्रेलिया में उसका सर्च इंजन बंद कर दिया जाएगा। फेसबुक ने भी इसी तरह की धमकी दी थी है कि यदि उसे समाचार के लिए भुगतान करने को मजबूर किया गया तो आस्ट्रेलियाई प्रकाशकों को समाचार साझा करने से रोक दिया जाएगा।

क्या है नया कानून 

इस कानून का लक्ष्य डिजिटल जगत की दिग्गज कंपनियों की सौदेबाजी करने के वर्चस्व को तोड़ना है। साथ ही एक मध्यस्थता समिति बनना है। जिसके पास मूल्य पर कानूनी रूप से बाध्यकारी फैसला देने का अधिकार होगां समिति के पास होगा। समिति डिजिटल मंच या प्रकाशक के सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव को स्वीकार करेगी और कभी-कभार ही उनके बीच मूल्य निर्धारित करेगी। इससे डिजिटल मंच और मीडिया कारोबार अवास्तविक मांग नहीं कर सकेगे। मध्यस्थता में तय की गई रकम प्रकाशकों को अवश्य ही एक भुगतान किये जाने के साथ ही नये संशोधन समिति डिजिटल मंचों और समाचार कारोबार की लागत पर भी विचार करेंगे।

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