उमा भारती की शराबबंदी रैली या मध्य प्रदेश में राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश

उमा भारती
उमा भारती

भोपाल: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को कड़वी बातें सुनाने वाली उमा भारती ने इन दिनों बीजेपी के दिग्गज नेताओं को बेचैन कर दिया है। उमा भारती ने सबसे ज्यादा चिंता एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान की बढ़ा दी है। उमा अब एक ऐसी मुहिम की शुरुआत करने जा रही हैं, जिससे बीजेपी शासित राज्यों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। एमपी में शिवराज सरकार शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही थी। कलेक्टरों के सुझावों के लिए चिट्ठी भी जारी हो गई थी। लेकिन उमा के तेवर के आगे सरकार की सोच पर पलीता लग गई।

उमा भारती

अब उमा ने अपनी एक ट्वीट से एमपी के सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। उमा भारती बीजेपी शासित सभी राज्यों में शराबबंदी की मांग कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी अपील की थी। लेकिन पार्टी नेताओं की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। इसके साथ ही शराबबंदी को लेकर एमपी सरकार की तरफ से भी कोई बयान नहीं आया है। ऐसे में उमा भारती ने 8 मार्च से सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। इसके लिए वह विधिवत रूप से पूरा कार्यक्रम जारी करेंगी।

पूर्व सीएम उमा भारती ने ट्वीट किया है कि नशा मुक्ति अभियान के लिए मुझे मेरी सहयोगी मिल गई है। खुशबू नाम की यह युवती मध्यप्रदेश की है और वह उत्तराखंड में मेरे गंगा प्रवास में शामिल होने आई थी। मैंने उसमें निष्ठा और साहस दोनों देखें, उसी समय से उसका नाम गंगा भारती हो गया था। मैंने गंगा को 8 मार्च 2021 को महिला दिवस पर शराब और नशामुक्ति अभियान प्रारंभ करने की तैयारी करने के लिए कहा है। आगे का विवरण वह स्वंय सभी को 5 दिन बताएगी।

अटल जी मेरे पिता के समान थे

उमा भारती बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। उन्होंने अटल जी की छत्रछाया में राजनीति की है। उमा भारती ने ग्वालियर में अटल जी की पुण्यतिथि पर 2019 में कहा था कि वह मेरे पिता के समान थे। मैं उन्हें बहुत परेशान करती थी। उनसे जिद भी करती थी और वो मेरी हर जिद पूरी भी कर देते थे। लेकिन मुझे दुख है कि मैं उनसे माफी नहीं माग पाई। उन्होंने कहा था कि मैं अक्सर अटल जी को ऐसी बातें बोल देती थी जो उनकी चुभती रही होंगी, लेकिन मैंने कभी उन्हें सॉरी नहीं कहा, जिसका मुझे बहुत दुख रहेगा।

मामा की बढ़ी चिंता

एमपी का खजाना खाली है। शिवराज सरकार को शराब से भारी कमाई होती है। ऐसे में उमा की मांग को पूरा करना सरकार के लिए आसान नहीं है। उमा भारती की मांगों पर शिवराज सिंह चौहान ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। लेकिन जब 8 मार्च को महिला दिवस पर उमा भारती सड़क पर उतरेंगी तो शिवराज सरकार की परेशानी और बढ़ जाएगी।

उमा भारती
उमा भारती

राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश

2019 में उमा भारती ने लोकसभा का चुनाव भी नहीं लड़ा था। वह कुछ दिनों तक सक्रिय राजनीति से दूर भी रही हैं। कमलनाथ की सरकार जाने के बाद वह फिर से प्रदेश की राजनीति में एक्टिव हो गई हैं। प्रदेश में उपचुनाव के दौरान भी उन्होंने चुनाव प्रचार किया था। इसके साथ ही कैबिनेट विस्तार के दौरान नाराजगी भी जाहिर की थी। उसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके आवास पर गए थे। लेकिन उमा बीच-बीच में शिवराज सरकार की मुश्किलें बढ़ाते रहती हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि उमा फिर से एमपी की राजनीति में एक जगह चाहती हैं।

चौरी-चौरा महोत्सव की होगी शुरुआत, PM Modi जारी करेंगे डाक टिकट

Leave a comment

Your email address will not be published.